त्विशा शर्मा सुसाइड केस | मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में 12 मई 2026 को हुई 31 वर्षीय त्विशा शर्मा की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। शादी के महज 5 महीने बाद ही पूर्व ‘मिस पुणे’ रह चुकीं त्विशा का शव उनके ससुराल में फंदे से लटकता मिला।
शुरुआत में इसे आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन उनके मायके वालों ने इसे दहेज हत्या और सुनियोजित मर्डर करार दिया है। हाल ही में सामने आए त्विशा के आखिरी चैट और कॉल्स इस बात की गवाही दे रहे हैं कि मौत से पहले वह भारी मानसिक तनाव और खौफ से गुजर रही थीं।
आखिरी मैसेज और मौत से 10 मिनट पहले की कॉल
त्विशा की मौत की गुत्थी उनके सोशल मीडिया चैट्स और आखिरी फोन कॉल्स से और भी उलझ गई है:
- “मैं फंसी हुई हूं…”: रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले त्विशा ने अपनी एक दोस्त को इंस्टाग्राम पर मैसेज किए थे। इसमें उन्होंने अपनी शादी को लेकर भारी निराशा और फंसा हुआ महसूस करने की बात कही थी। मिडिया रिपोर्ट के अनुसार, उनके आखिरी मैसेज (“I’m Trapped, Bas Tu Mat…”) चीख-चीख कर उनके दर्द और बेबसी को बयां कर रहे थे।
- आखिरी फोन कॉल: त्विशा के भाई और उनकी मां का दावा है कि कथित आत्महत्या से ठीक 10 मिनट पहले (रात करीब 10 बजे) त्विशा ने उन्हें फोन किया था। वह फोन पर रो रही थीं और कह रही थीं कि “अब मुझसे और सहन नहीं होता।”
- वापसी का टिकट: मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर त्विशा ने भोपाल छोड़कर वापस अपने मायके (नोएडा) आने के लिए ट्रेन का टिकट भी बुक कर लिया था, लेकिन वह सफर कभी शुरू ही नहीं हो सका।
डेटिंग ऐप से शुरू हुई प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत
मूल रूप से नोएडा की रहने वाली त्विशा शर्मा की मुलाकात साल 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए भोपाल के क्रिमिनल लॉयर समर्थ सिंह से हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और 12 दिसंबर 2025 को शादी हो गई।
समर्थ सिंह का परिवार शहर के प्रभावशाली परिवारों में गिना जाता है। उनकी मां गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जज हैं। बाहर से देखने पर यह रिश्ता बेहद प्रतिष्ठित और सुरक्षित नजर आता था।
लेकिन परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही हालात बदलने लगे।
मायके पक्ष के मुताबिक, त्विशा पर नौकरी करने का दबाव बनाया जाता था। इसके अलावा, वह करीब दो महीने की गर्भवती थीं और अनियोजित गर्भावस्था को लेकर भी परिवार में तनाव था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के चौंकाने वाले खुलासे
AIIMS Bhopal में हुए पोस्टमार्टम में मौत का प्राथमिक कारण “एंटेमॉर्टम हैंगिंग” बताया गया है।
लेकिन रिपोर्ट में सबसे अहम बात यह सामने आई कि शरीर पर अन्य चोटों के निशान भी मिले हैं। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, ये चोटें मौत से पहले लगी थीं और किसी ठोस वस्तु से प्रहार की ओर संकेत करती हैं।
यही तथ्य अब इस केस को केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि संभावित हत्या की दिशा में भी ले जा रहा है।
पुलिस पर बढ़ा दबाव, SIT गठित
सोशल मीडिया पर #JusticeForTwisha अभियान तेज होने और मामले के राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।
Madhya Pradesh Police ने पति समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 (दहेज मृत्यु) और 85 (क्रूरता) समेत दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
जांच के लिए एसीपी रजनीश कश्यप के नेतृत्व में 6 सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है।
हालांकि, मामले में नया विवाद तब पैदा हुआ जब आरोपी सास गिरिबाला सिंह को भोपाल कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई। त्विशा के परिवार ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
त्विशा शर्मा का मामला इस बात का कड़वा सच है कि बाहर से चमकती हुई हाई-प्रोफाइल जिंदगियों के पीछे कई बार गहरे और काले सच छिपे होते हैं। एक हंसती-खेलती, ‘मिस पुणे’ रह चुकी और आत्मविश्वास से भरी लड़की का इस तरह से अंत होना न्याय व्यवस्था और समाज दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सबकी निगाहें एसआईटी की जांच पर टिकी हैं कि क्या इस बेटी को इंसाफ मिल पाएगा।












