24°C Jaipur
|
☀️ 🌙

अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना में रिकॉर्ड वृद्धि, 74 लाख से अधिक छात्रों को मिला लाभ

📌 विषय सूची (Table of Contents)

    अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना | सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति (SC) के छात्रों को मिलने वाली वित्तीय सहायता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मैट्रिकोत्तर और पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के जरिए 74 लाख से अधिक छात्रों को शिक्षा जारी रखने में मदद मिली है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने लोकसभा में सांसद नवासकनी के. के लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

    WhatsApp Group Join Us
    Telegram Group Join Now

    मुख्य बातें

    • मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना से वर्ष 2024-25 में 48,04,208 अनुसूचित जाति छात्रों को लाभ मिला।
    • इस योजना के लिए केंद्रीय सहायता 5,562.23 करोड़ रुपए रही, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 6,186.96 करोड़ रुपए हो गई।
    • पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 26,79,049 छात्रों को 562.36 करोड़ रुपए की सहायता दी गई।
    • 2021-22 से 2025-26 के बीच मैट्रिकोत्तर योजना की केंद्रीय सहायता 1,930.38 करोड़ रुपए से बढ़कर 6,186.96 करोड़ रुपए पहुंच गई।
    • प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए राशि सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खातों में जमा की जा रही है।

    अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना पूरी खबर

    मंत्रालय अनुसूचित जाति के छात्रों को उच्च शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना (PMS) लागू कर रहा है। वर्ष 2024-25 के दौरान इस योजना के तहत 5,562.23 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता के साथ 48,04,208 अनुसूचित जाति छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। हाल के वर्षों में इस योजना से हर वर्ष लगभग 48 लाख छात्र लाभान्वित हो रहे हैं।

    लोकसभा में दिए गए उत्तर के अनुसार, इस योजना के तहत जारी केंद्रीय सहायता वर्ष 2021-22 में 1,930.38 करोड़ रुपए थी, जो बढ़कर वर्ष 2025-26 में 6,186.96 करोड़ रुपए हो गई है। यानी चार वर्षों में केंद्रीय सहायता तीन गुना से अधिक बढ़ी है।

    वहीं अनुसूचित जातियों के लिए पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत भी बड़ी संख्या में छात्रों को आर्थिक मदद दी जा रही है। वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के तहत 26,79,049 छात्रों को लाभ मिला, जिसके लिए 562.36 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई गई।

    DBT से छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता

    सरकार ने छात्रवृत्ति योजनाओं में पारदर्शिता, दक्षता और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) व्यवस्था लागू की है। इसके तहत छात्रवृत्ति की राशि पात्र लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे जमा की जाती है। वर्ष 2022-23 से पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में DBT लागू होने के बाद वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह हुई है।

    पृष्ठभूमि – PMS scholarship SC students

    भारत सरकार लंबे समय से अनुसूचित जाति के छात्रों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं को कम करना, शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करना और छात्रों के सामाजिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। यह जानकारी मंत्री रामदास अठावले द्वारा लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में साझा की गई।

    SC students scholarship 2025-26 का असर

    छात्रवृत्ति सहायता में लगातार वृद्धि और तकनीक आधारित DBT वितरण प्रणाली से अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए शैक्षणिक अवसर बेहतर हुए हैं। इससे छात्रों की उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ी है और वित्तीय बाधाओं के कारण पढ़ाई छोड़ने के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।

    अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना | PMS scholarship SC students

    ज़रूरी लिंक

    मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना 2024-25 में कितने छात्रों को लाभ मिला?

    वर्ष 2024-25 में 48,04,208 अनुसूचित जाति छात्रों को मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना के तहत लाभ मिला।

    पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत कितनी केंद्रीय सहायता दी गई?

    वर्ष 2025-26 में पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लिए 562.36 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे 26,79,049 छात्र लाभान्वित हुए।

    छात्रवृत्ति की राशि छात्रों तक कैसे पहुंचती है?

    छात्रवृत्ति की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए पात्र छात्रों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे जमा की जाती है।

    मैट्रिकोत्तर योजना की केंद्रीय सहायता में कितनी वृद्धि हुई है?

    मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना की केंद्रीय सहायता वर्ष 2021-22 के 1,930.38 करोड़ रुपए से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 6,186.96 करोड़ रुपए हो गई है।

    निष्कर्ष

    अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए मैट्रिकोत्तर और पूर्व-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं में हुई यह वृद्धि शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। बढ़ती केंद्रीय सहायता और DBT आधारित पारदर्शी वितरण से 74 लाख से अधिक छात्रों को सीधा लाभ मिल रहा है, जिससे सरकार का शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण का लक्ष्य आगे बढ़ रहा है।

    Vijay Singh Rathore
    लेखक के बारे में

    By Vijay Singh Rathore

    मैं Vijay Singh Rathore, Karni Times Network का Founder हूँ। Education की बात करूँ तो मैंने MA तक की पढ़ाई की है । मुझे नयी नयी Technology से सम्बंधित चीज़ों को सीखना और दूसरों को सिखाने में बड़ा मज़ा आता है। 2015 से मैं ब्लॉगिंग कर रहा हूँ। खाली समय में मुझे किताबें पढना बहुत पसंद है। For Contact : vijaysingh@karnitimes.com

    Read More